Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की पहली तिमाही में योगा करना
कà¥à¤¯à¤¾ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की पहली तिमाही में योगा करना सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है?
पहली तिमाही में योगा करने से फायदे
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की पहली तिमाही में योगा का रूटीन
पहली तिमाही में आप कौन से योगासन कर सकती हैं
पहली तिमाही में कौन से योगासन नहीं करने चाहिà¤
पहली तिमाही में योगा करते समय धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखने योगà¥à¤¯ कà¥à¤› टिपà¥à¤¸
जाहिर है अपनी गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की बात सà¥à¤¨à¤•र आप बहà¥à¤¤ खà¥à¤¶ हà¥à¤ˆ होंगी। पर जैसे-जैसे गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ बà¥à¤¤à¥€ है यह समठआने लगता है कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ उतनी आसान नहीं होती है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की पहली तिमाही बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तकलीफदेह होती है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इस समय आप पहली बार मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग सिकनेस, मतली और थकान महसूस करती हैं। चूंकि इस समय आपके गरà¥à¤ में बचà¥à¤šà¥‡ के टिशà¥à¤¯à¥‚ और ऑरà¥à¤—न बनते हैं इसलिठपहली तिमाही सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ होती है। आपको पता है कि आपके अंदर à¤à¤• और जीवन पल रहा है और यह à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸ आपको खà¥à¤¶à¥€ के साथ-साथ चिंताà¤à¤‚ à¤à¥€ दे सकता है इसलिठइस दौरान आपके लिठआराम करना और जीवंत रहना बहà¥à¤¤ जरूरी है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान योगा आपकी बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मदद कर सकता है। पहली तिमाही में आप कौन से योगासन कर सकती हैं और कौन से नहीं। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में योगा करने से आपको कà¥à¤¯à¤¾ फायदे होते हैं, यह सब जानने के लिठयहाठकà¥à¤²à¤¿à¤• करें।
कà¥à¤¯à¤¾ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की पहली तिमाही में योगा करना सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है?
हाà¤, आप गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की पहली तिमाही में योगा कर सकती हैं, पर इसे आप टà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤° की मदद से ही करें जिसे यह पता होना चाहिठकि आप गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की पहली तिमाही में हैं। कà¥à¤› योगासन à¤à¤¸à¥‡ à¤à¥€ होते हैं जिनकी वजह से गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ तक बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ होने में रूकावट आ सकती है और इससे आपकी मांसपेशियों पर दरà¥à¤¦ à¤à¥€ हो सकता है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान इसलिठकठिन योगासन करने से पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह लेना और टà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤° की मदद लेना जरूरी है।
पहली तिमाही में योगा करने से फायदे
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की पहली तिमाही में योगा करने के निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित फायदे इस पà¥à¤°à¤•ार हैं, आइठजानें;
अनहेलà¥à¤¦à¥€ आदतों को खतà¥à¤® करता है
आपके लिठबहà¥à¤¤ जरूरी है कि आप अपने और अपने बचà¥à¤šà¥‡ के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठअसà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯à¤•र खाना न खाà¤à¤‚ और बेहतर जीवनशैली को फॉलो करें। योगा करने से आपकी à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤à¤‚ सकारातà¥à¤®à¤• होती हैं और यह आपको गलत आदतें छोड़ने में मदद à¤à¥€ करता है, जैसे ओवरईटिंग, धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ करना, à¤à¤²à¥à¤•ोहॉल का सेवन और अनिदà¥à¤°à¤¾à¥¤
दरà¥à¤¦ से आराम दिलाता है
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान सही तरीके से योगा करने से शरीर के दरà¥à¤¦ से आराम मिलता है। यह गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की तीसरी तिमाही में दरà¥à¤¦ से राहत देने में à¤à¥€ मदद करता है और साथ ही बà¥à¤°à¥€à¤¦à¤¿à¤‚ग à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करने से आपको तनाव-मà¥à¤•à¥à¤¤ रहने में à¤à¥€ मदद मिल सकती है जो आपके बचà¥à¤šà¥‡ के लिठà¤à¥€ अधिक महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है।
मन और शरीर को जोड़ता है
यदि आपके दिमाग में बहà¥à¤¤ सारी बाते हैं और अपने पà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤œà¤¨à¥‹à¤‚ से जà¥à¥œà¤¨à¤¾ चाहती हैं तो आपको यह जानकर खà¥à¤¶à¥€ होगी कि योगा इसमें à¤à¥€ आपकी मदद कर सकता है। आपको पता होगा कि आपके अंदर à¤à¤• और जीवन पल रहा है और आप उससे कैसे जà¥à¥œ सकती हैं यह जरूर जानें। à¤à¤¸à¤¾ करने से आप à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• रूप से मजबूत होंगी और सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• आनंद का अनà¥à¤à¤µ लेंगी।
शरीर को à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ रखने के लिठजरूरी है
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान आपके लिठसरल और हलà¥à¤•ी à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करना जरूरी है ताकि आपके जोड़ों और पेट पर दबाव न आà¤à¥¤ आप योगा आसानी से कर सकती हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसकी मदद के साथ आप à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ कर सकती हैं और यह आपको शारीरिक आराम à¤à¥€ देता है। यह आपके लिठà¤à¤• बेहतरीन अनà¥à¤à¤µ हो सकता है।
नींद में सà¥à¤§à¤¾à¤° लाता है
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की पहली तिमाही में अकà¥à¤¸à¤° महिलाओं को थकान के कारण अनिदà¥à¤°à¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾ होती है। योगा करने से नींद में सà¥à¤§à¤¾à¤° आता है और इससे हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥à¤¸ à¤à¥€ नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ होते हैं। इसलिठइससे नींद अचà¥à¤›à¥€ होती है और यह शकà¥à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की पहली तिमाही में योगा का रूटीन
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की पहली तिमाही में आपको अपने योगा रूटीन में निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित बदलाव करने चाहिà¤, आइठजानते हैं;
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की पहली तिमाही में कठिन योगा न करें और अपने शरीर को जरà¥à¤°à¤¤ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ न खींचें।
अपने शरीर पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें और दरà¥à¤¦ या तकलीफों पर नजर रखें।
जब à¤à¥€ आपका मन करे तब आप आराम करें।
बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गरà¥à¤®à¥€ में योगा न करें। हमेशा ठंडे वातावरण में योगा करें।
पहली तिमाही में आप कौन से योगासन कर सकती हैं
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित योगासन सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ हैं, आइठजानें;
1. à¤à¥à¤œà¤‚गासन
Bhujangasana
à¤à¥à¤œà¤‚गासन बहà¥à¤¤ सरल होता है और यह शà¥à¤°à¥‚आत में किया जाता है। इसे करने के लिठआपको पेट के बल लेटकर अपना सिर ऊपर की ओर करना होगा। आप इसे रोजाना सà¥à¤¬à¤¹ खाली पेट लगà¤à¤— 30 सेकंड तक कर सकती हैं और इसे करने के लिठखà¥à¤¦ पर अधिक जोर न डालें।
तरीका
सबसे पहले आप जमीन में पेट के बल लेट जाà¤à¤‚।
अपने पैरों को à¤à¤• साथ रखें या हिपà¥à¤¸ से थोड़ी दूरी पर रखें और इसके ऊपरी हिसà¥à¤¸à¥‡ से जमीन पर दबाव डालें।
आप कोहनी को कंधों की सीध में शरीर के पास रखें।
अब आप अपने कंधों को पीछे ले जाà¤à¤‚ और पà¥à¤¯à¥‚बिक बोन को सà¥à¤¥à¤¿à¤° करने के लिठजमीन की ओर लाà¤à¤‚।
आप धीरे-धीरे सांस लेते हà¥à¤ अपने सिर और चेसà¥à¤Ÿ को ऊपर की ओर लाà¤à¤‚। इस दौरान कंधों को आराम दें और अपने पूरे वजन को नीचे की ओर न à¤à¥à¤•ाà¤à¤‚।
आप सांस छोड़ते हà¥à¤ धीरे-धीरे नीचे की ओर आà¤à¤‚।
आप इस à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ को सांस लेकर छोड़ते हà¥à¤ 2-3 राउंड में करें।
इस पोज को करते समय आप अपनी सांस को 2-3 बार रोकें और फिर ओरिजिनल पोजीशन पर आà¤à¤‚।
फायदे
यह à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ आपकी पीठके निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ के खिंचाव को कम करती है, आपके मूड में सà¥à¤§à¤¾à¤° लाती है और पूरी शरीर को लचीला बनाती है।
2. बदà¥à¤§ कोणासन
Baddha Konasana
बदà¥à¤§ कोणासन को बटरफà¥à¤²à¤¾à¤ˆ पोज à¤à¥€ कहा जाता है और इसे बिलकà¥à¤² इसी पà¥à¤°à¤•ार से किया जाता है जैसे तितली उड़ती है। जो लोग योगा की शà¥à¤°à¥‚आत करते हैं उनके लिठविनà¥à¤¯à¤¾à¤¸ योगासन होता है और इसे खाली पेट किया जाता है।
तरीका
सबसे पहले आप सीधे बैठजाà¤à¤‚ और अपने पैरों को बाहर की ओर सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤š करें।
आप धीरे-धीरे सांस अंदर लें और घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ को इस पà¥à¤°à¤•ार से मोड़ें कि आपकी à¤à¥œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ पेलà¥à¤µà¤¿à¤¸ की ओर हों।
आप अपने पांव के पंजों को दोनों हाथों से हलà¥à¤•ा सा दबाà¤à¤‚ और धीरे-धीरे घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ को नीचे करें।
अब आप अपनी à¤à¥œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को जितना संà¤à¤µ हो उतना à¤à¥œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के पास ले जाà¤à¤‚ और पहली उंगली व अंगूठे की मदद से अपने पांव को कà¥à¤› देर तक पकड़ें रहें।
इसे करते समय आपके पांव का बाहरी हिसà¥à¤¸à¤¾ जमीन पर होना चाहिठऔर पेट को सीधा रखें।
इस पोज को आप लगà¤à¤— 5 मिनट तक बनाठरखें घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ को ऊपर करते हà¥à¤ हलà¥à¤•ा खींचें और फिर अपनी शà¥à¤°à¥‚आती पोजीशन पर आ जाà¤à¤‚।
फायदे
यह मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ थकान को कम करने, आपकी अधिवृकà¥à¤• गà¥à¤°à¤‚थियों को उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¿à¤¤ करने, मासिक धरà¥à¤® की समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का इलाज करने और शरीर में समगà¥à¤° रकà¥à¤¤ परिसंचरण में सà¥à¤§à¤¾à¤° करने में मदद करती है।
3. बितिलासन
Bitalasana
बितिलासन को | काउ पोज | के नाम से à¤à¥€ जाना जाता है और यहाठबताया गया है कि आप इसे कैसे कर सकती हैं। आप इसे कैट पोज से शà¥à¤°à¥‚ कर सकती हैं।
तरीका
इसे करने के लिठआप घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ के बल जमीन पर बैठजाà¤à¤‚ और हाथों को जमीन में टिकाते हà¥à¤ घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ को हिपà¥à¤¸ की सीध में रखें।
आप अपने हाथों को सिर के दोनों तरफ कंधों की सीध में रखें।
अब धीरे-धीरे सांस लेते हà¥à¤ हिपà¥à¤¸ को ऊपर उठाà¤à¤‚ और अपने चेसà¥à¤Ÿ को हलà¥à¤•ा आगे की ओर लाने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें।
इसके बाद आप अपने पेट के हिसà¥à¤¸à¥‡ को नीचे की ओर à¤à¥à¤•ाते हà¥à¤ सिर को ऊपर उठाà¤à¤‚।
आप थोड़ी देर के लिठइस पोजीशन में रहें, सांस छोड़ें और फिर पहले वाली पोजीशन में आ जाà¤à¤‚।
इस à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ को आप 5-6 बार करें और रà¥à¤• जाà¤à¤‚।
फायदे
यह आसन आपको तनाव मà¥à¤•à¥à¤¤ रखता है, आंतरिक अंगों में राहत पहà¥à¤à¤šà¤¾à¤¤à¤¾ है और बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° में सà¥à¤§à¤¾à¤° करता है। इस आसन को करने से पीठका दरà¥à¤¦ ठीक रहता है और इससे पीठसीधी रहती है।
4. मारà¥à¤œà¤°à¥€ आसन
Marjariasana
मारà¥à¤œà¤°à¥€ आसन को | कैट पोज | के रूप में जाना जाता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह à¤à¤• बिलà¥à¤²à¥€ के पोज में पीठपर हलà¥à¤•ा दबाव डालते हà¥à¤ किया जाता है। यह à¤à¤• अषà¥à¤Ÿà¤¾à¤‚ग योग आसन है जिसे लोग शà¥à¤°à¥‚आत में आसानी से कर सकते हैं। आप इसे खाली पेट लगà¤à¤— 15 सेकंड तक कर सकती हैं।
तरीका
इसे करने के लिठआप सबसे पहले अपने दोनों घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ व हाथों को जमीन पर टिकाà¤à¤‚ और अपनी कलाई को घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ की सीध में घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ के नीचे रखें।
अब आप अपने हाथों को मैट पर रखते हà¥à¤ आगे की ओर देखें और हिपà¥à¤¸ के बीच जगह बनाते हà¥à¤ घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ को थोड़ा खà¥à¤²à¤¾ हà¥à¤† रखें।
आप अपने पेट को जमीन की ओर लाते हà¥à¤ सांस लें।
अपनी ठोà¥à¥€ और चेसà¥à¤Ÿ को ऊपर करते हà¥à¤ छत को देखें।
इस दौरान आप अपने कंधों को फैलाकर कान से दूर रखें।
फिर कैट पोज में आते हà¥à¤ सांस छोड़ें और पेट को सीधा कर लें।
अब आप अपनी पीठको घà¥à¤®à¤¾à¤•र छत की तरफ देखें और सांस अंदर की ओर लेते हà¥à¤ काऊ पोज में वापस आ जाà¤à¤‚।
फिर सांस छोड़ें और कैट पोज में वापस आ जाà¤à¤‚।
आप इसे 5 से 20 बार करने के बाद थोड़ी देर आराम करें।
फायदे
यह आसान आपके रकà¥à¤¤ को शà¥à¤¦à¥à¤§ करता है, मन को फिर से जीवंत करता है, उचित रकà¥à¤¤ परिसंचरण को बढ़ावा देता है और गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं के लिठà¤à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ तनाव-बसà¥à¤Ÿà¤° के रूप में काम करता है।
5. विपरीत करनी
Viparita Karani
इस पोज में पैरों को ऊपर की ओर किया जाता है और यह आसन मानसिक व शारीरिक शकà¥à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है। आप किसी की मदद से इस à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ को सरलता से कर सकती हैं। यदि आप गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ हैं तो आप हमेशा दीवार के सहारे आराम से योगा करें।
तरीका
इस पोज को करने के लिठआप जमीन पर लेटे और ठोड़ी को चेसà¥à¤Ÿ के पास लाà¤à¤‚। अब आप हिपà¥à¤¸ को ऊपर की ओर उठाते हà¥à¤ कंधों को उठाà¤à¤‚।
आप अपने दोनों हाथों से हिपà¥à¤¸ को सपोरà¥à¤Ÿ à¤à¥€ दे सकती हैं। अब आप अपनी चेसà¥à¤Ÿ को ऊपर की ओर करते हà¥à¤ धीरे-धीरे दोनों पैरों को सिर की तरफ लाà¤à¤‚।
अब इस पोजीशन में थोड़ी देर के लिठरहें और आà¤à¤– बंद करके सांस लें।
सांस छोड़ें और à¤à¤• तरफ रोल हो जाà¤à¤‚।
अब सांस लें और सामानà¥à¤¯ अवसà¥à¤¥à¤¾ में आ जाà¤à¤‚।
फायदे
यह योगा सिर दरà¥à¤¦ से मà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿ दिलाता है, पीरियडà¥à¤¸ में à¤à¤‚ठन को कम करने में मदद करता है और पीठके निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦ से राहत दिलाता है।
6. ताड़ासन
Tadasana
ताड़ासन को खड़े होकर à¤à¤• पहाड़ की पोज में बनाकर किया जाता है। इसे हाथों का पोज बनाने से शà¥à¤°à¥‚ किया जाता है और इसके लिठआपको खाली पेट रहने की जरूरत नहीं है।
तरीका
सबसे पहले आप दोनों हाथों को शरीर के दोनों तरफ रखें और पैरों को थोड़ा दूर करके सीधे खड़ी हो जाà¤à¤‚।
अब अपने पैरों को सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤š करते हà¥à¤ à¤à¥œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को ऊपर उठाà¤à¤‚ और धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ करें।
आप जांघों के ऊपरी हिसà¥à¤¸à¥‡ को अंदर की तरफ करें और टेलबोन को जमीन की ओर करते हà¥à¤ पेलà¥à¤µà¤¿à¤¸ को आगे ले जाà¤à¤‚।
इस पोजीशन में आप ऊपर देखें, सांस अंदर लें और अपने कंधे, चेसà¥à¤Ÿ और हाथों को सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤š करें। आप अपने वजन को पंजों पर रखते हà¥à¤ à¤à¥œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को और ऊपर उठाà¤à¤‚ और कà¥à¤› सेकंड तक इसी पोजीशन में रहने के बाद सांस छोड़ें और सीधे खड़ी हो जाà¤à¤‚।
फायदे
इसे करने के कà¥à¤› फायदे हैं, जैसे पोसà¥à¤šà¤° में सà¥à¤§à¤¾à¤° करता है, सांस लेने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में सà¥à¤¥à¤¿à¤°à¤¤à¤¾ लाता है, मानसिक शांति बà¥à¤¾à¤¤à¤¾ है, पैरों के दरà¥à¤¦ से मà¥à¤•à¥à¤¤ करता है और पांव, पैरों व हिपà¥à¤¸ की शकà¥à¤¤à¤¿ बà¥à¤¾à¤¤à¤¾ है व शकà¥à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है।
7. वीरà¤à¤¦à¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¨
Virabhadrasana
इसे वॉरियर पोज के नाम से जाना जाता है और यह वीरà¤à¤¦à¥à¤° वॉरियर के नाम से पà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ है। यह योगा की शà¥à¤°à¥‚आत करने वालों के लिठअचà¥à¤›à¤¾ है और आप इसे खाली पेट कर सकती हैं।
तरीका
इसे करने के लिठसबसे पहले आप सीधे खड़ी हो जाà¤à¤‚ और अपने दोनों पैरों को 3.4 से 4 फीट के दूरी में आगे की ओर रखें।
अपने हाथों को सीधे फैलाà¤à¤‚ और हथेली को जमीन की ओर करते हà¥à¤ कंधों को सीधा रखें और सामने की ओर देखें।
अब आप अपने बाà¤à¤‚ पैर को 90 डिगà¥à¤°à¥€ में रखते हà¥à¤ दाहिने पैर को सीधा करें।
इस पोजीशन को लगà¤à¤— 30 सेकंड तक à¤à¤¸à¥‡ ही रखें और फिर सीधी हो जाà¤à¤‚। फिर आप इसे दूसरे पैर से à¤à¥€ दोहराà¤à¤‚।
फायदे
यह पोज शरीर को à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ देता है और साथ ही सà¥à¤¥à¤¿à¤°à¤¤à¤¾ व संतà¥à¤²à¤¨ à¤à¥€ बà¥à¤¾à¤¤à¤¾ है। यह पोज नींद में सà¥à¤§à¤¾à¤° करता है, धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने में à¤à¥€ मदद करता है और बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° को ठीक रखता है।
पहली तिमाही में कौन से योगासन नहीं करने चाहिà¤
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की पहली तिमाही में आपको निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित योगासन नहीं करने चाहिà¤, आइठजानते हैं;
1. सूरà¥à¤¯ नमसà¥à¤•ार
कारण: इस दौरान गरà¥à¤ में पल रहे बचà¥à¤šà¥‡ को शरीर और à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ की जरूरत होती है इसलिठआपको कोई à¤à¥€ à¤à¤¸à¥€ à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ या योगा नहीं करना चाहिठजिससे आपको थकान हो। इस समय आपको जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आराम करना चाहिà¤à¥¤
2. शलà¤à¤¾à¤¸à¤¨
कारण: इससे आपके गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ पर दबाव पड़ता है जो आपकी गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ और बचà¥à¤šà¥‡ दोनों के लिठसही नहीं है।
3. नौकासन
कारण: यह करने से पेट की मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है और तनाव आता है।
4. हलासन
कारण: इससे आपके निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ पर बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तनाव आ सकता है जो आपके बचà¥à¤šà¥‡ के लिठहानिकारक है।
पहली तिमाही में योगा करते समय धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखने योगà¥à¤¯ कà¥à¤› टिपà¥à¤¸
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की पहली तिमाही में योगा करते समय निनà¥à¤®à¤²à¤¿à¤–ित टिपà¥à¤¸ का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें;
यदि आप पहली बार योग कर रही हैं तो आप शरीर की फà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸à¤¿à¤¬à¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ के लिठशà¥à¤°à¥‚आत में आसान आसान करें। यदि आपको थकान होती है तो आप पà¥à¤°à¥‰à¤ªà¥à¤¸ का उपयोग कर सकती हैं।
बैक बेंड (पीछे की ओर मà¥à¥œà¤¨à¤¾), फलकासन (पà¥à¤²à¥ˆà¤‚क पोज) न करें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि मà¥à¥œà¤¨à¥‡ से आपके गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ या पेट पर दबाव पड़ सकता है।
योगा करने के बाद आप थोड़ी देर आराम करें और आसान करते समय सांस लेती रहें।
आप टà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤° की मदद से अपनी सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ और शारीरिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° इन आसान को बदल à¤à¥€ सकती हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸-फà¥à¤°à¥€ और शांत वातावरण में योगा करने के लिठइन टिपà¥à¤¸ को जरूर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें। आपके लिठसबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जरूरी है खà¥à¤¦ को शांत रखना और à¤à¤¨à¥à¤œà¥‰à¤¯ करना। यदि आपको कà¤à¥€ à¤à¥€ असà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ होती है तो आप बीच में ही योगा छोड़कर आराम कर सकती हैं।
| --------------------------- | --------------------------- |